TET EXAM HINDI SUBJECT : महत्वपूर्ण मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ
100 महत्वपूर्ण मुहावरे एवं उनके अर्थ
- आँख का तारा – अत्यंत प्रिय
- आँख दिखाना – धमकी देना
- आँखें चुराना – बचने का प्रयास करना
- आँखों में धूल झोंकना – धोखा देना
- अंगारे उगलना – क्रोध करना
- अपना उल्लू सीधा करना – स्वार्थ सिद्ध करना
- आस्तीन का साँप – विश्वासघाती व्यक्ति
- ईंट का जवाब पत्थर से देना – कड़ा प्रतिकार करना
- उँगली पर नचाना – वश में रखना
- उन्नीस-बीस का अंतर – बहुत कम अंतर
- कमर कसना – तैयार होना
- कान भरना – भड़काना
- कान खड़े होना – सतर्क होना
- कान पकड़ना – गलती स्वीकार करना
- कलेजा मुँह को आना – घबरा जाना
- खून खौलना – क्रोधित होना
- खून-पसीना एक करना – कठिन परिश्रम करना
- गड़े मुर्दे उखाड़ना – पुरानी बातें छेड़ना
- गले का हार – अत्यंत प्रिय
- घी के दीये जलाना – खुशी मनाना
- चाँदी काटना – खूब लाभ कमाना
- चार चाँद लगाना – शोभा बढ़ाना
- चिकना घड़ा – जिस पर बात का असर न हो
- चुल्लू भर पानी में डूब मरना – बहुत शर्मिंदा होना
- छक्के छुड़ाना – बुरी तरह पराजित करना
- जले पर नमक छिड़कना – दुख बढ़ाना
- जान हथेली पर रखना – जोखिम उठाना
- जी तोड़ मेहनत करना – बहुत परिश्रम करना
- टस से मस न होना – अडिग रहना
- ठेंगा दिखाना – इंकार करना
- दाँत खट्टे करना – परास्त करना
- दाँतों तले उँगली दबाना – आश्चर्यचकित होना
- दिन-रात एक करना – लगातार मेहनत करना
- नाक कटना – अपमान होना
- नाक में दम करना – परेशान करना
- नाक रगड़ना – गिड़गिड़ाना
- नौ दो ग्यारह होना – भाग जाना
- पानी-पानी होना – लज्जित होना
- पानी सिर से गुजरना – सीमा पार होना
- पेट में चूहे कूदना – बहुत भूख लगना
- पैर जमाना – स्थापित होना
- फूला न समाना – अत्यधिक प्रसन्न होना
- बगलें झाँकना – निरुत्तर होना
- बाल की खाल निकालना – अत्यधिक आलोचना करना
- मुँह की खाना – हार जाना
- मुँह लटकाना – उदास होना
- रंगे हाथ पकड़ा जाना – अपराध करते पकड़ा जाना
- रफूचक्कर होना – भाग जाना
- लोहा मानना – श्रेष्ठता स्वीकार करना
- हाथ पर हाथ धरे बैठना – निष्क्रिय रहना
(इसी प्रकार परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले लगभग 50 और मुहावरे)
- हाथ मलना – पछताना
- हाथ साफ करना – चोरी करना
- हाथ पीले करना – विवाह करना
- हवा हो जाना – गायब होना
- सिर पर चढ़ाना – अधिक महत्व देना
- सिर खपाना – अधिक सोच-विचार करना
- सिर पर कफन बाँधना – मरने को तैयार रहना
- सिर झुकाना – सम्मान करना
- आग बबूला होना – अत्यधिक क्रोधित होना
- आग में घी डालना – झगड़ा बढ़ाना
- दाल न गलना – काम न बनना
- दाल में काला होना – संदेह होना
- पापड़ बेलना – कठिन प्रयास करना
- रंग में भंग पड़ना – आनंद में बाधा आना
- माथा ठनकना – शंका होना
- हाथ धोकर पीछे पड़ना – लगातार परेशान करना
- खटाई में पड़ना – रुक जाना
- पेट का पानी न पचना – रहस्य न रख पाना
- मन मसोसकर रह जाना – इच्छा पूरी न होना
- लोहे के चने चबाना – कठिन कार्य करना
- हवा का रुख देखना – परिस्थिति समझना
- आँखें बिछाना – स्वागत करना
- दुम दबाकर भागना – डरकर भागना
- गागर में सागर भरना – कम शब्दों में अधिक कहना
- मुँह में पानी आना – खाने की इच्छा होना
- पैर उखड़ना – अस्थिर होना
- नींद उड़ जाना – चिंता होना
- पसीना छूटना – घबरा जाना
- माथा पकड़ लेना – परेशान होना
- आँखों का तारा – प्रिय व्यक्ति
- गुल खिलाना – कारनामा करना
- कान काटना – चतुर होना
- रंग बदलना – व्यवहार बदलना
- चादर देखकर पैर फैलाना – आय के अनुसार खर्च करना
- दाँव पर लगाना – जोखिम उठाना
- भगीरथ प्रयास करना – कठिन परिश्रम करना
- कन्नी काटना – बच निकलना
- घुटने टेकना – हार मानना
- कलेजा ठंडा होना – संतोष मिलना
- आसमान सिर पर उठाना – बहुत शोर मचाना
- खून सफेद होना – स्नेह समाप्त होना
- दिन में तारे दिखना – कठिनाई आना
- पीठ थपथपाना – प्रशंसा करना
- रंग जमाना – प्रभाव डालना
- मन के लड्डू खाना – कल्पना करना
- मुँह फुलाना – नाराज होना
- आँखें फेर लेना – साथ छोड़ देना
- खिचड़ी पकाना – गुप्त योजना बनाना
- धूल चटाना – बुरी तरह हराना
- कमर टूटना – हिम्मत टूट जाना
100 महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ एवं अर्थ
- अधजल गगरी छलकत जाए – कम ज्ञान वाला अधिक दिखावा करता है।
- अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
- अंत भला तो सब भला।
- अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
- आम के आम गुठलियों के दाम।
- अंधों में काना राजा।
- अपनी करनी पार उतरनी।
- जैसा बोओगे वैसा काटोगे।
- जैसा देश वैसा भेष।
- घर का भेदी लंका ढाए।
- दूर के ढोल सुहावने।
- नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
- नाम बड़े और दर्शन छोटे।
- बूंद-बूंद से घड़ा भरता है।
- जहाँ चाह वहाँ राह।
- जैसी करनी वैसी भरनी।
- देर आए दुरुस्त आए।
- एकता में बल है।
- खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
- दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता है
- नेकी कर दरिया में डाल
- सौ सुनार की, एक लुहार की
- विनाश काले विपरीत बुद्धि
- हाथ कंगन को आरसी क्या
- ऊँची दुकान फीका पकवान
- एक अनार सौ बीमार
- घर की मुर्गी दाल बराबर
- ऊँट के मुँह में जीरा
- चोर की दाढ़ी में तिनका
- रस्सी जल गई पर बल नहीं गया
- बूँद-बूँद से सागर भरता है
- एक और एक ग्यारह
- लोभ बुरी बला है
- समय बड़ा बलवान है
- जैसी संगति वैसी रंगति
- सब्र का फल मीठा होता है
- मन के हारे हार है, मन के जीते जीत

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